1. महत्वपूर्ण तथ्य
- जैसलमेर जिले का कुल क्षेत्रफल = 38,401 किमी²
- जैसलमेर जिले की जनसंख्या (2011) = 6,72,008
- जैसलमेर जिले का संभागीय मुख्यालय = जोधपुर
2. भौगोलिक स्थिति
- भौगोलिक स्थिति: 26.92°N 70.9°E
- जैसलमेर का क्षेत्र थार के रेगिस्तान में स्थित है। यहाँ दूर-दूर तक स्थाई व अस्थाई रेत के ऊंचे-ऊंचे टीले हैं, जो कि हवा, आंधियों के साथ-साथ अपना स्थान भी बदलते रहते हैं।
- इन्हीं रेतीले टीलों के मध्य कहीं-कहीं पर पथरीले पठार व पहाड़ियाँ भी स्थित हैं।
- जैसलमेर का संपूर्ण भाग रेतीला व पथरीला होने के कारण यहाँ का तापमान मई-जून में अधिकतम 47 सेंटीग्रेड तथा दिसम्बर-जनवरी में न्यूनतम 05 सेंटीग्रेड रहता है।
3. इतिहास
- भारत के सुदूर पश्चिम में स्थित धार के मरुस्थल में जैसलमेर की स्थापना भारतीय इतिहास के मध्यकाल के प्रारंभ में 1178 ई. के लगभग यदुवंशी भाटी के वंशज रावल-जैसल द्वारा की गई थी।
- रावल जैसल के वंशजों ने यहाँ भारत के गणतंत्र में परिवर्तन होने तक बिना वंश क्रम को भंग किए हुए 770 वर्ष सतत शासन किया, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना है।
- सल्तनत काल के लगभग 300 वर्ष के इतिहास में गुजरता हुआ यह राज्य मुगल साम्राज्य में भी लगभग 300 वर्षों तक अपने अस्तित्व को बनाए रखने में सक्षम रहा।
- भारत में अंग्रेज़ी राज्य की स्थापना से लेकर समाप्ति तक भी इस राज्य ने अपने वंश गौरव व महत्व को यथावत रखा।
- भारत की स्वतंत्रता के पश्चात यह भारतीय गणतंत्र में विलीन हो गया।
4. कला एवं संस्कृति
- यहाँ अधिकांश कुंओं का जल खारा है तथा वर्षा का एकत्र किया हुआ जल ही एकमात्र पानी का साधन है।
- जैसलमेर राज्य ने मूल भारतीय संस्कृति, लोक शैली, सामाजिक मान्यताएँ, निर्माणकला, संगीतकला, साहित्य, स्थापत्य आदि के मूलरुपंण बनाए रखा।
- जैसलमेर के सांस्कृतिक इतिहास में यहाँ के स्थापत्य कला का अलग ही महत्व है। जैसलमेर में स्थापत्य कला का क्रम राज्य की स्थापना के साथ दुर्ग निर्माण से आरंभ हुआ, जो निरंतर चलता रहा। यहां के स्थापत्य को राजकीय तथा व्यक्तिगत दोनो का सतत् प्रश्रय मिलता रहा।
- जैसलमेर में बोली मुख्यतः राजस्थान के मारवा क्षेत्र में बोली जाने वाली मारवाङी का एक भाग ही है। परन्तु जैसलमेर क्षेत्र में बोली जानेवाली भाषा थली या थार के रेगिस्तान की भाषा है।
- चित्रकला की दृष्टि से जैसलमेर का विशिष्ट स्थान रहा है।
5. शिक्षा
- प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा हेतु सरकारी, स्कूल एवं निजी क्षेत्र की कई स्कूल हैं
- सांगीदास बालकृष्ण गवर्नमेंट कॉलेज एक प्रमुख महाविद्यालय है।
6. खनिज एवं कृषि
- कृषि यहाँ कम ही की जाती है, मुख्य फसल बाजरा ही है
- यह शहर ऊन, चमड़ा, नमक, मुलतानी मिट्टी, ऊँट और भेड़ का व्यापार करने वाले कारवां का प्रमुख केंद्र है।
- चूना पत्थर, मुलतानी मिट्टी और जिप्सम का खनन होता है।
7. प्रमुख स्थल
- डेजर्ट फेस्टिवल यहाँ हर वर्ष जनवरी / फरवरी में आयोजित किया जाता है जो प्रमुख आकर्षण हैं
- जैसलमेर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में सर्वप्रमुख यहाँ का क़िला है। यह 1155 ई. में निर्मित हुआ था। यह स्थापत्य का सुंदर नमूना है। इसमें बारह सौ घर हैं।
- 15वीं सती में निर्मित जैन मंदिरों के तोरणों, स्तंभों, प्रवेशद्वारों आदि पर जो बारीक नक़्क़ाशी व शिल्प प्रदर्शित हैं, उन्हें देखकर दाँतों तले अँगुली दबानी पड़ती है। कहा जाता है कि जावा, बाली आदि प्राचीन हिन्दू व बौद्ध उपनिवेशों के स्मारकों में जो भारतीय वास्तु व मूर्तिकला प्रदर्शित है, उससे जैसलमेर के जैन मंदिरों की कला का अनोखा साम्य है।
- नगर से चार मील दूर अमरसागर के मंदिर में मक़राना के संगमरमर की बनी हुई जालियाँ हैं।
- जैसलमेर की पुरानी राजधानी लोद्रवापुर थी। यहाँ पुराने खंडहरों के बीच केवल एक प्राचीन जैनमंदिर ही काल-कवलित होने से बचा है।
8. नदी एवं झीलें
- कांतली यहाँ की एक छोटी नदी है
- गड़ीसर झील जिसे रावल गड़सी सिंह ने 1367 में खुदाया था एक छोटे मंदिरों और धार्मिक स्थलों से घिरी एक सुंदर झील है
9. परिवहन और यातायात
- जैसलमेर रेलमार्ग द्वारा जोधपुर से जुड़ा हुआ है।
- यहाँ पर रेल व सड़क द्वारा दो प्रकार के यातायात के साधन उपलब्ध हैं।
10. उद्योग और व्यापार
- पर्यटन जैसलमेर में एक प्रमुख उद्योग है।
- भारत सरकार ने जैसलमेर क्षेत्र में 1955-56 में तेल के लिए विभागीय अन्वेषण शुरू की, ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जैसलमेर बेसिन में 1988 में प्राकृतिक गैस की खोज की थी
- जैसलमेर क्षेत्र में हस्तशिल्प एवं चमड़े के बैग प्रसिद्ध है
- जैसलमेर ज़िले में दूर-दराज गाँवों में ग्रामीण महिलाओं द्वारा कपड़े पर कशीदाकारी का कार्य बड़ी बारीकी से किया जाता है।
राजस्थान GK नोट्स